हवा में घुलता जहर ! 😷
वायु प्रदूषण के मुख्य कारण
भारत में वायु प्रदूषण के कई प्रमुख कारण हैं:
1. वाहनों से निकलता धुआं
डीजल और पेट्रोल से चलने वाले वाहनों की संख्या दिन-ब-दिन बढ़ रही है। इनसे निकलने वाली कार्बन मोनोऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड जैसी गैसें वायु प्रदूषण का बड़ा कारण हैं।
2. कारखानों और उद्योगों से उत्सर्जन
उद्योगों और फैक्ट्रियों से निकलने वाला धुआं, रसायन और भारी धातुएं हवा को अत्यधिक प्रदूषित करते हैं।
3. निर्माण कार्य (Construction Dust)
बड़े-बड़े शहरों में हो रहे निर्माण कार्यों के दौरान उड़ने वाली धूल हवा की गुणवत्ता को बुरी तरह प्रभावित करती है।
4. कचरा और पराली जलाना
खुले में कूड़ा और खेतों में पराली जलाने से भारी मात्रा में धुआं और प्रदूषक तत्व हवा में मिलते हैं।
5. घरेलू ईंधन (लकड़ी, कोयला, गोबर आदि)
ग्रामीण इलाकों में खाना बनाने के लिए लकड़ी, कोयला और गोबर का इस्तेमाल आम है, जिससे भारी धुआं निकलता है।
वायु प्रदूषण से हमारे स्वास्थ्य पर प्रभाव
वायु प्रदूषण का असर केवल पर्यावरण पर ही नहीं, हमारे स्वास्थ्य पर भी गंभीर होता है:
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सांस की बीमारियां – जैसे अस्थमा, ब्रोंकाइटिस, सीओपीडी।
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दिल की बीमारियां – वायु प्रदूषण से हृदयाघात और उच्च रक्तचाप का खतरा बढ़ता है।
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बच्चों में फेफड़ों का विकास रुकना – प्रदूषित हवा में रहने वाले बच्चों के फेफड़े सही से विकसित नहीं हो पाते।
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कैंसर का खतरा – लंबे समय तक प्रदूषित हवा में रहने से फेफड़ों के कैंसर का खतरा बढ़ता है।
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इम्यून सिस्टम पर असर – शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है।
वायु प्रदूषण को कम करने के उपाय
आम नागरिक क्या कर सकते हैं?
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सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें।
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कारपूलिंग अपनाएं।
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इलेक्ट्रिक वाहनों को प्राथमिकता दें।
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प्लास्टिक और कचरा जलाने से बचें।
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पेड़-पौधे लगाएं और उनका संरक्षण करें :- आम नागरिकों को कोशिश करना चाहिए की वह अपने घर आगन,खेत, रोड के आस पास, साथी ही अपने आस पास पड़ी खाली जमीन पर पेड़ पौधे लगाएं और उनकी देखभाल करे ।
वायु शुद्धिकरण यंत्र का उपयोग करें: घरों और ऑफिसों में वायु शुद्धिकरण यंत्र लगाएं। ये यंत्र वायु में मौजूद धूल, कीटाणु, अर्थव्यवस्था या अन्य विषाणुओं को हटाते हैं और शुद्ध करते है । या फिर गमलों का भी उपयोग कर सकते है जैसे :- स्नेक प्लांट,पीस लिली,स्पाइडर प्लांट,मनी प्लांट,अलोवेरा आदि ।
सरकार को क्या करना चाहिए?
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सख्त प्रदूषण नियंत्रण कानून लागू करें।
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पराली जलाने के विकल्प किसानों को प्रदान करें।
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उद्योगों के लिए प्रदूषण नियंत्रण यंत्र अनिवार्य बनाएं।
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निर्माण कार्यों पर निगरानी रखें
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सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा दें।
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वनों की कटाई पर रोक लगाएं।
भारत में वायु प्रदूषण की ताजा रिपोर्ट क्या कहती है?
IQAir की 2024 की रिपोर्ट के अनुसार:
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भारत के 22 शहर दुनिया के 30 सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल हैं।
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दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा, लखनऊ, पटना और कानपुर जैसे शहर लगातार वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) में ‘गंभीर’ श्रेणी में आते हैं।
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दिल्ली लगातार दुनिया का सबसे प्रदूषित राजधानी शहर बना हुआ है।
निष्कर्ष (Conclusion)
वायु प्रदूषण कोई एक दिन की समस्या नहीं है, यह वर्षों से लगातार बढ़ रही है। इसे रोकने के लिए केवल सरकार की नहीं, बल्कि आम नागरिक की भी जिम्मेदारी बनती है। यदि आज हम कदम नहीं उठाएंगे, तो आने वाली पीढ़ियां शुद्ध हवा के लिए तरस जाएंगी। समय आ गया है कि हम सभी मिलकर "स्वच्छ हवा" की दिशा में ठोस कदम उठाएं।




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