कमजोरी होते जा रहे आज कल के रिश्ते ।

आज कल के रिश्ते दिनों दिन बहुत कमजोर होते जा रहे है ।  क्योंकि रिश्तों में अब पहले जैसे बात ही नहीं रही ।  कोई रिश्ते अपने मतलब से नीभा रहा है तो कोई मजबूरी में निभा रहा है । आज के दौर में लोग समझते कम है और समझाते ज्यादा है जिस से रिश्ते सुलझने की बजाय उलझ जाते है । रिश्ते गमलों के पोधों की तरह होते है जिन्हें समय समय पर देख रेख की जरुरत होती है, उसी तरह रिश्ते भी वक्त और प्यार मांगते है । चाहे आप कितने भी व्यस्त रहो पर रिश्तों के लिए वक्त जरुर निकालो क्योंकी रिश्तों को दिया गया वक्त रिश्तों को मजबूत बनाता है । लेकिन आज कल के रिश्तों में अपनों को वक्त देने कि बजाय गैरों को समझने में वक्त बर्बाद किया जा रहा है । आज के दौर में लोग बेहतर से बेहतर की तलाश में लगे रहते है उन्हें लगता है कि जो उनके पास है उन्हें उन से बेहतर मिल जाएगा । इस चक्कर में जो रिश्ता उनके लिए जरुर होता है वो भी टूट जाता है । जबकि लोगों को बेहतर की तलाश करने की बजाय मौजूदा रिश्ते को ही बेहतर बनाने की कोशिश करनी चाहिए ।
रिश्तों में गलतफहमियां बनाने लगी है जगह 
आज कल के रिश्तों में ग़लत फहमियां बहुत ही जल्द जगह बना लेती है । लोग ग़लत फहमियां दुर करने की बजाय एक दूसरे को नीचा दिखाने में लग जाते है । गलत फहमियां दुर कर के रिश्तों को बचाया जा सकता है लेकीन लोग गलत फहमियों और बढ़ावा देने लग जाते है । वह जताने लग जाते है कि रिश्तों मे उनकी अहमियत क्या थी साथ ही अपना अपना महत्व बताकर दूसरों की कमियां निकालने लग जाते है । 
रिश्ते को एक दूसरे पर ना थोपे नहि कोई रिश्ता जबर्जस्ती बनाने की कोशिश करें । क्योंकि ऐसे रिश्तों की उम्र बहुत छोटी होती है । कोई आपके साथ रिश्ता नहीं रखना चाहता है तो उसे अपने रिश्ते से आजाद कर देना ही बेहतर होगा । वह शख्स आपको आज नहि तो कल तकलीफ हि देगा । 


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